Digital Scammers: स्कैमर्स ने टारगेट किया विदेशियों को, ऐसे लूट कर रहे है विदेशी लोगों को

भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए स्कैमर्स नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब गुरुग्राम स्थित पुलिस ने एक ऐसे ही कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। यह लोगों को ठगने के लिए बड़े ही अलग तरीके का इस्तेमाल कर रहे थे।
 
भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए स्कैमर्स नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब गुरुग्राम स्थित पुलिस ने एक ऐसे ही कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। यह लोगों को ठगने के लिए बड़े ही अलग तरीके का इस्तेमाल कर रहे थे।

Digital Scammers: भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए स्कैमर्स नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब गुरुग्राम स्थित पुलिस ने एक ऐसे ही कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। यह लोगों को ठगने के लिए बड़े ही अलग तरीके का इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें वे जानी-मानी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करके टेक्नीकल सपोर्ट के नाम पर पॉपअप भेजते थे। इसके बाद एक व्यक्ति से 83 हजार रुपये तक लूट लेते थे। आइए इसके बारे में जानते हैं। 

दरअसल, गुरुग्राम में एक किराय के घर में चल रहे कॉल सेंटर से पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही वहां से नौ लैपटॉप, दो टैबलेट और एक मोबाइल को बरामद किया है। ये लोग मामूम लोगों को ठगने के लिए बड़ा ही अनोखा तरीका का इस्तेमाल कर रहे थे।

कैसे करते थे ठगी का काम? 
पुलिस ने बताया कि आरोपी जानी-मानी कंपनी के नाम का इस्तेमाल करके Bulk में वॉयस मेल और मैसेज भेजा करते थे। यहां से वे विदेशी लोगों को ठगने का काम करते थे। वह पॉपअप के जरिए टेक्निकल सपोर्ट के नाम से संदेश भेजा करते थे। इस जाल में कई लोग फंस जाते थे।  

कंप्यूटर और लैपटॉप का रिमोट एक्सेस 
आरोपी विदेशी लोगों के कंप्यूटर और लैपटॉप का रिमोट एक्सेस ले लेते थे। इसके लिए वे  Anydesk, Team Viewer, Ultra Viewer जैसी ऐप्लीकेशन को चोरी छिपे इंस्टॉल कर देते थे। इसके बाद यूजर्स की मदद के नाम पर स्कैमर्स उनसे कई हजार रुपये लूट लेते थे। जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रति कस्टमर 500 से 1000 डॉलर तक टेक्नीकल सपोर्ट के नाम पर ठग लेते थे। 

भारतीय करेंसी में ये कीमत 41 हजार रुपये से लेकर 83 हजार रुपये तक होती है। पुलिस ने बताया कि ये लोग चार्ज गिफ्ट कार्ड के रूप में लेते थे। बीते एक साल से यह कस्टमर केयर सेंटर एक किराए के मकान में चल रहा था। 

इस टाइप के स्कैम से कैसे बचें? 
पॉपअप वाले इस तरह के स्कैम से खुद का बचाव करने के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान पॉपअप पर क्लिक ना करें। क्लिक करने के बाद आपके फोन, टैबलेट, लैपटॉप और कंप्यूटर आदि में मैलवेयर फाइल इंस्टॉल हो सकते हैं। इसके बाद डिवाइस का रिमोट एक्सेस करके उसमें सेंधमारी कर सकते हैं। यहां तक कि बैंक अकाउंट तक खाली कर सकते हैं।

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